ग्रामीण आर्थिक सशक्तिकरण में जिला उद्योग कें द्र एवं बैंक ऋण की भूर्मका: पन्ना जिले के संदभि में एक समीक्षात्मक अध्ययन
Volume: 14 - Issue: 09 - Date: 01-09-2025
Approved ISSN: 2278-1412
Published Id: IJAECESTU487 | Page No.: 110-116
Author: अरविन्द कुमार त्रिपाठी
Co- Author: ओ. पी. अरजरिया
Abstract:-ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पूंजी, कौशल एवं बाज़ार-संपर्क की कमी आर्थिक पिछड़ेपन का प्रमुख कारण रही है। भारत में जिला-स्तरीय औद्योगिक संवर्धन तंत्र के रूप में स्थापित जिला उद्योग केंद्र (DIC)
तथा बैंकिंग संस्थानों की ऋण सुविधाएँ ग्रामीण उद्यमिता को संस्थागत आधार प्रदान करती हैं। प्रस्तुत समीक्षात्मक अध्ययन पन्ना जिले के संदर्भ में DIC एवं बैंक ऋण की भूमिका का विश्लेषण करता है।
अध्ययन में राष्ट्रीय राज्य योजनाओं, वित्तीय समावेशन ढाँचे, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) नीति, तथा ग्रामीण स्वरोजगार कार्यक्रमों पर उपलब्ध साहित्य का आलोचनात्मक परीक्षण किया गया है।
निष्कर्षतः DIC बैंक समन्वय ग्रामीण आर्थिक सशक्तिकरण के लिए एक संरचनात्मक मॉडल प्रस्तुत करता है,
परंतु प्रक्रिया सरलीकरण, प्रशिक्षण-गुणवत्ता, विपणन-सहायता एवं डिजिटल वित्तीय साक्षरता में सुधार की आवश्यकता बनी हुई है।
Key Words:- ग्रामीण सशक्तिकरण, जिला उद्योग कें द्र, बैंक ऋण, स्वरोिगार, MSME, क्तवत्तीय समावेशन, पन्ना जिला;
Area:-Engineering
DOI Member: 126.132.488
DOI Member:
Preview This Article